जब भी देश की सुरक्षा की बात होती है, भारतीय सेना का नाम सबसे पहले लिया जाता है। लेकिन इस विशाल सेना की कमान संभालने वाला अधिकारी कौन है, यह जानने की उत्सुकता हर नागरिक के मन में होती है। आज, 30 जून 2026 को, भारतीय सेना को नया नेतृत्व मिला है। जनरल धीरज सेठ ने देश के 31वें Chief of the Army Staff (COAS) के रूप में पदभार संभाल लिया है।
करीब चार दशक पहले एक युवा अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में कदम रखने वाले जनरल धीरज सेठ ने कठिन प्रशिक्षण, सीमावर्ती इलाकों में सेवा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और कई महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियों को निभाते हुए यह मुकाम हासिल किया है। उनका सफर केवल एक सैन्य अधिकारी की पदोन्नति की कहानी नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और देश सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का उदाहरण भी है।
बचपन और परिवार
जनरल धीरज सेठ ऐसे परिवार से आते हैं जहाँ देश सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक परंपरा रही है। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ (सेवानिवृत्त) भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे। बचपन से ही घर का वातावरण अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्र सेवा की भावना से भरा हुआ था। यही संस्कार आगे चलकर उन्हें भारतीय सेना की वर्दी पहनने के लिए प्रेरित करते हैं।
हालांकि उनके बचपन, स्कूल और निजी जीवन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन उनके पूरे करियर को देखकर यह साफ समझ आता है कि उन्होंने मेहनत और अनुशासन को हमेशा अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया।
पढ़ाई और सैन्य प्रशिक्षण
भारतीय सेना में शीर्ष पद तक पहुंचने के लिए केवल साहस ही नहीं, बल्कि उच्च स्तर की शिक्षा और रणनीतिक समझ भी जरूरी होती है। जनरल धीरज सेठ ने अपनी सैन्य शिक्षा National Defence Academy (NDA), Indian Military Academy (IMA), Defence Services Staff College, Army War College और National Defence College जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने फ्रांस और अमेरिका के रक्षा संस्थानों में भी विशेष प्रशिक्षण हासिल किया।
सेना में पहला कदम
20 दिसंबर 1986 को उन्हें भारतीय सेना की प्रसिद्ध 2nd Lancers (Gardner's Horse) रेजिमेंट में कमीशन मिला। इसके बाद उन्होंने रेगिस्तान से लेकर जम्मू-कश्मीर तक कई चुनौतीपूर्ण इलाकों में सेवा दी। हर नई जिम्मेदारी के साथ उनका अनुभव बढ़ता गया और सेना के भीतर उनकी पहचान एक शांत, रणनीतिक और निर्णायक अधिकारी के रूप में बनने लगी।
कैसे बने Army Chief?
करीब 40 वर्षों के अपने करियर में उन्होंने आर्मर्ड ब्रिगेड, कोर और कमांड स्तर की कई अहम जिम्मेदारियाँ संभालीं। वे दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान का नेतृत्व कर चुके हैं। अप्रैल 2026 में उन्हें Vice Chief of Army Staff बनाया गया और आखिरकार 30 जून 2026 को उन्होंने भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया।
क्यों माने जाते हैं आधुनिक सोच वाले सैन्य अधिकारी?
जनरल धीरज सेठ का मानना है कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक, ड्रोन, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भी तय होंगे। यही वजह है कि वे सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने के समर्थक माने जाते हैं।
सम्मान और उपलब्धियाँ
देश के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें Param Vishisht Seva Medal (PVSM), Uttam Yudh Seva Medal (UYSM) और Ati Vishisht Seva Medal (AVSM) जैसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान मिल चुके हैं। ये सम्मान उनके लंबे, सफल और समर्पित सैन्य जीवन की पहचान हैं।
अब देश की उम्मीदें
भारतीय सेना की कमान संभालने के साथ ही जनरल धीरज सेठ के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ हैं—चीन और पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा, सेना का आधुनिकीकरण, ड्रोन और AI आधारित युद्ध की तैयारी तथा तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना। ऐसे समय में उनका अनुभव और नेतृत्व देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
